फूड प्वॉयजनिंग से डेढ़ दर्जन पहुंचे अस्पताल

ज्वाली (कांगड़ा)। उपमंडल ज्वाली के अंतर्गत नाणा पंचायत के गांव बंडेरू में सोमवार रात शादी समारोह में धाम का सेवन करने के बाद सैकड़ों लोग फूड प्वॉयजनिंग का शिकार हो गए थे। लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत हो गई और स्थिति बिगड़ने लगी। 14 लोगों को मंगलवार को ज्वाली अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि चार लोगों को बुधवार को भर्ती कराया गया। मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्वाली में फूड प्वॉयजनिंग होने से उर्मिला देवी (42), कनिका (10), कमलेश (30), विजय कुमार (10), शिवानी (12), सोमा देवी (66), सुषमा (36), त्रिलोक राज (34), कांता देवी (35), रीता देवी (35), राकेश कुमार (24), साइना (45), विमला देवी (52), शकुंतला (23) समेत करीब 14 लोग उपचार के लिए दाखिल हुए थे, जिनका ज्वाली में उपचार किया जा रहा है। वहीं, बुधवार को संध्या देवी (60), बाबू राम (65), गिरधारी लाल (30), रीना देवी (25) को अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
पंचायत प्रधान रशपाल और उप प्रधान कुलदीप की सूचना पर बुधवार को भी बीएमओ गंगथ डॉ. नीरजा गुप्ता के नेतृत्व में ज्वाली अस्पताल के डॉक्टरों की टीम बंडेरू में गई और मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया। इससे पहले ज्वाली अस्पताल के एसएमओ डॉ. पुनीत पराशर के नेतृत्व में वरिष्ठ फार्मासिस्ट भरत भूषण, सुपरवाइजर बीना शर्मा, हेल्थ वर्कर बीना पठानिया की टीम मौके पर गई थी तथा लोगों के घर-घर जाकर उपचार किया था। डॉक्टरों की टीम ने करीब 122 लोगों का प्राथमिक उपचार उनके घर पर किया तथा 14 लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सीएचसी ज्वाली रेफर किया गया। मरीजों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से ज्वाली अस्पताल में लाया गया, जहां पर उनका इलाज किया गया। बीएमओ गंगथ डॉ. नीरजा गुप्ता ने बताया कि वह स्वयं बंडेरू गांव में गई थीं तथा घर-घर जाकर मरीजों को दवाइयां दी गई हैं। फिलहाल स्थिति खतरे से बाहर है। फूड प्वॉयजनिंग से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

श्रीराम नाम का जाप ही तारनहार : भारती
ज्वाली (कांगड़ा)। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान बौड (नूरपुर) के सौजन्य से कलाकेंद्र भवन ज्वाली में चल रही रामकथा के चौथे दिन साध्वी सौम्या भारती ने अनुयायियों को प्रवचनों से निहाल कर दिया। भारती ने कहा कि श्रीराम का नाम वह नैया है जो मरणोपरांत मानव को भवसागर से पार लगाती है। श्रीराम का नाम जपने से प्राणी समस्त पापों से मुक्त हो जाता है। मानव योनी सब योनियों से श्रेष्ठ है। हमें मानव योनी में आकर अपने अगले जन्म का सुधार राम नाम का जाप करके करना चाहिए। मानव योनी में आकर हमें सद्कर्म करना चाहिए और इसके लिए साधु-संतों की शरण में जाना चाहिए, जो व्यक्ति बुरे लोगों की संगति करता है, उसमें बुरे गुण ही पनपते हैं। श्रीराम का जाप ही तारनहार है। इस मौके पर काफी संख्या में संगत ने प्रवचनों का रसपान किया।

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